11

May
2018

खूबसूरत

Posted By : admin/ 197 0

तुम पुलों में “विश्वसुन्दरी” हो, खूबसूरत, ऐतिहासिकऔर मैं रामनगर का निर्माणाधीन पुल | लेकिन एक बात लिख लो ………तुम्हारेमें अब बस परिवर्तन हो सकता है या विध्वंस लेकिन मेरा निर्माण शेष है | लोगों का ज्यादा ध्यान मुझपर है | मैंबनारसियों और रामनगरियों को तुमसे बेहतर जोड़ता हूँ | लोग मेरे “पीपा” स्वरूप को भी स्वीकार करते हैं | अब भी कहते हैं स्वीकार कर लो !

मैंवैसे भी हरिश्चन्द्र घाट जैसा सुलग रहा थाऔर तुम चाय का जज्बाती कुल्हड़ हमारे ही ऊपर पटक के चल पड़ी | हमें पता है तुम घाटों में “अस्सी” होऔर मैं “मणिकर्णिका” | तुम्हारे अनुसार हमारा कोई मेल नहीं है, लेकिन गंगा भी “अस्सी” से“मणिकर्णिका” की ओर बह रही है | तुम भी किसी दिन बहोगी भावनात्मक गंगा में …. और ये भी सुन लो जिंदगी के सारे बहाव अस्सी से लेकर मणिकर्णिका तक समाप्त हो जाते हैं |मैं गंगा में पैर डुबाये वही पर घाट किनारे बैठा हूँ …तुम्हें सहारा देने के लिए ! आओ तो !

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